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Dainik Bhaskar : हाईकोर्ट से भी केस हारा, पत्रकार को ब्याज समेत देनी होगी पिछली सारी सैलरी

संपादकीय टीम 14 मई 2024 को 08:00 pm बजे
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Dainik Bhaskar : प्रबंधन की याचिका को सिरे से खारिज किया

Dainik Bhaskar : INDUSTRIAL TRIBUNAL जालंधर का फैसला बहाल रखा

न्यूज नैटवर्क/चंडीगढ़ । बिना कारण अपने सीनियर पत्रकार को नौकरी से निकालने, झूठे पुलिस केस से प्रताडि़त करने तथा श्रम कानून का मजाक बनाने पर हिन्दी समाचार पत्र दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से एक बार फिर कानूनी शिकस्त मिली है। माननीय हाईकोर्ट ने एक सिविल रिट पटीशन के निपटारे में दैनिक भास्कर प्रबंधन को उनकी गैरकानूनी हरकतें याद करवाते हुए उनकी ही दायर याचिका को सिरे से खारिज करते हुए INDUSTRIAL TRIBUNAL जालंधर का फैसला बहाल रखा है।

Dainik Bhaskar : बिना किसी कारण के नौकरी से टर्मिनेट कर दिया था

दरअसल, यह मामला जालंधर के सीनियर पत्रकार राजेश कपिल से जुड़ा है जिसने कुछ रसूखदारों की काली करतूतों का पर्दाफाश कर दिया था। परिणाम स्वरूप संभवत: रसूखदारों के प्रभाव में प्रबंधन ने पहले संपादक को हटाकर, फिर सीनियर पत्रकार राजेश कपिल को बिना किसी कारण के नौकरी से टर्मिनेट कर दिया था। यही नहीं, उसके खिलाफ समाज में विभिन्न प्रकार से भ्रामक प्रचार भी किया था। अत: मामला लेबर कोर्ट (इंडस्ट्रीयल ट्रिब्यूनल) जालंधर में गया तो दोनों पक्षों को सुनने के बाद माननीय जज ने फैसला राजेश कपिल के पक्ष में सुनाया था।

Dainik Bhaskar : सिटी पुलिस को शिकायतें दी और झूठा केस दर्ज करवाया

हालांकि सुनवाई दौरान दैनिक भास्कर प्रबंधन ने एक साजिश के तहत राजेश कपिल को बिना शर्त नौकरी पर वापिस ले लिया था और सैलरी विवाद का निपटारा कोर्ट पर छोड़ दिया था। चूंकि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि दैनिक भास्कर प्रबंधन ने पहले राजेश कपिल को बिना कारण-बिना किसी जांच रिपोर्ट के आधार पर नौकरी से निकाला, अपनी अखबार में इस बाबत विज्ञापन भी छापा, सिटी पुलिस को शिकायतें दी और झूठा केस दर्ज करवाया जिसको कोर्ट ने खारिज कर दिया और फिर नौकरी से निकालने का आदेश वापिस ले लिया।

Dainik Bhaskar :

Dainik Bhaskar : यही नहीं, उसको नौकरी पर वापिस लेकर फिर से परेशान किया। अत: कोर्ट ने दैनिक भास्कर का यह सारा कच्चा-चिट्ठा अपनी जजमैंट के पैरा नंबर 16 में देकर सीनियर पत्रकार राजेश कपिल के पक्ष में फैसला सुनाया तो इस फैसले के खिलाफ प्रबंधन ने माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। फाइनल बहस के दौरान जैसे ही यह पैरा नंबर 16 बैंच के ध्यानार्थ हुआ, तो माननीय न्यायाधीश ने उसी का हवाला देकर दैनिक भास्कर प्रबंधन की याचिका को खारिज कर दिया। मालूम हो ADVOCATE बलराम सिंह ने राजेश कपिल की ओर से पैरवी की थी।

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https://www.livemint.com/news/india/working-journalists-cant-be-considered-employees-bombay-hc-11709708354222.html

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