एडिट करेंएडिट करें
होमविविधAnimal Birth Control – 1000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी, जालंधर के वार्ड नं. 10 और 11 में स्टर्लाइज़ेशन प्रोजेक्ट हुआ पूरा
विविध

Animal Birth Control – 1000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी, जालंधर के वार्ड नं. 10 और 11 में स्टर्लाइज़ेशन प्रोजेक्ट हुआ पूरा

संपादकीय टीम 7 दिसंबर 2025 को 09:07 pm बजे
0 views

Animal Birth Control – प्रशासन पशुओं और नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध

जालंधर, 7 दिसंबर : नगर निगम द्वारा पिछले कुछ महीनों में Animal Birth Control (ए.बी.सी.) प्रोग्राम के तहत वार्ड 10 और 11 में आवारा कुत्तों की स्टर्लाइज़ेशन सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। यहां ज़िला प्रशासकीय परिसर में सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (एस.पी.सी.ए.) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने पशुओं और नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।

डा. अग्रवाल ने बताया कि दोनों वार्डों में कुल 1,017 आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई है। यह मुहिम अब वार्ड 8 और 9 में शुरू कर दी गई है और प्रशासन का उद्देश्य आवारा कुत्तों की आबादी का प्रभावी प्रबंधन करने के लिए इस कार्यक्रम को शहर के हर वार्ड में लागू करना है।

साथ ही, डिप्टी कमिश्नर ने शहर की सड़कों से बेसहारा पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में 70 से अधिक बेसहारा पशुओं को गौशालाओं में भेजा गया है, जिससे यात्रियों और पशुओं दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, खासकर आने वाले कोहरे के मौसम में। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को करतारपुर गौशाला में लंबित कार्यों और कन्नियां कलां गौशाला के विस्तार में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।

डा. अग्रवाल ने पी.एस.पी.सी.एल., तेल कंपनियों और आबकारी विभाग को गौशालाओं के उचित रख-रखाव के लिए स्थानीय प्राधिकरण को गौ-सेस समय पर जमा करवाने के निर्देश दिए। डेयरी किसानों से एस.पी.सी.ए. का लाइफ़ मेंबर बनने की अपील करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने उनसे बेसहारा पशुओं को सड़कों पर छोड़ने के बजाय प्रशासन द्वारा संचालित गौशालाओं को सौंपने की भी अपील की।

उन्होंने आगे कहा कि ज़िला प्रशासन की व्हाट्सएप एक्शन हेल्पलाइन 96462-22555 पर बेसहारा पशुओं से संबंधित प्राप्त शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा रहा है और जनता को समय पर सहायता के लिए हेल्पलाइन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।