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Grand Mufti : मिलिए इस ग्रैंड मुफ़्ती से जिसने फांसी टलवाई, पढ़िए कैसे किया यह सब

संपादकीय टीम 16 जुलाई 2025 को 08:18 pm बजे
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Grand Mufti : 48 घंटे पहले बदल गया सब

केरल /टेलिस्कोप टीम। Grand Mufti

जैसे ही यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सज़ा के दिन को टालने की खबर आई, लोगों को रहत मिली। सब यह जानने के इच्छुक थे कि यह सब हुआ कैसे। क्योंकि 48 घंटे ही बचे थे उसके बाद फांसी मिल जाती। इस ख़बर के सामने आने के बाद 94 साल के कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के नाम की खूब चर्चा है।

मुसलियार ही वो शख्स हैं जिन्होंने सजा रुकवाई।

निमिषा प्रिया को मौत की सज़ा से बचाने के लिए ज़रूरी है कि यमनी शख़्स तलाल अब्दो महदी का परिवार उन्हें माफ़ कर दे। निमिषा को तलाल अब्दो महदी की हत्या की दोषी क़रार दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार निमिषा प्रिया को बचाने के अभियान में लगी 'सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल' ने बताया था कि सोमवार, 14 जुलाई को केरल के बेहद सम्मानित और प्रभावशाली मुस्लिम धर्मगुरु माने जाने वाले Grand Mufti/ ग्रैंड मुफ़्ती एपी अबूबकर मुसलियार ने 'यमन के कुछ शेख़ों' से निमिषा प्रिया मामले को लेकर बात की।

सुप्रीम कोर्ट के वकील और काउंसिल के सदस्य सुभाष चंद्रा ने बताया था, "सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल के सदस्यों ने ग्रैंड मुफ़्ती से मुलाक़ात की थी, जिसके बाद उन्होंने वहां (यमन) कुछ प्रभावशाली शेख़ों से बात की."

चंद्रा ने कहा, "हमें बताया गया है कि एक बैठक बुलाई गई है जिसमें मृतक के कुछ रिश्तेदारों सहित प्रभावशाली लोग भी मौजूद रहेंगे। "

मुसलियार ने अपनी पुरानी दोस्ती और यमन में सूफ़ी परंपरा 'बा अलावी तरीक़ा' के प्रमुख शेख़ हबीब उमर बिन हाफ़िज़ के साथ पुराने संपर्क का इस्तेमाल तलाल महदी के परिवार से जुड़ने में किया।

grand mufti -हस्तक्षेप पूरी तरह से मानवीय आधार पर

शेख़ हबीब उमर यमन में स्थित धार्मिक संस्था 'दार उल मुस्तफ़ा' के संस्थापक हैं, जहां केरल समेत दुनियाभर से लोग पढ़ने आते हैं। शेख़ हबीब उमर युद्ध में शामिल समूहों के साथ-साथ यमन के सभी गुटों या समूहों के साथ बेहद अच्छे से जुड़े हुए हैं।

मुसलियार/Grand Mufti के प्रवक्ता ने कहा, "उनका यह हस्तक्षेप पूरी तरह से मानवीय आधार पर था। उन्होंने उन्हें सिर्फ़ यह बताया कि शरिया क़ानून में ऐसा प्रावधान है कि ब्लड मनी देकर इंसान को बिना शर्त माफ़ी दी जा सकती है। उनकी कोशिश बीते शुक्रवार से शुरू हुई थी। "

मुसलियार से बात नहीं हो सकी है। निमिषा प्रिया को साल 2017 में क़त्ल के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था, उनके पति टॉमी और बेटी केरल में ही रहते हैं। -साभार बीबीसी हिंदी

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