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मध्य प्रदेश में अवैध रूप से संचालित बाल गृह से 26 लड़कियां लापता

संपादकीय टीम 6 जनवरी 2024 को 02:51 pm बजे
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FIR दर्ज, राष्ट्रीय बाल आयोग ने भी संज्ञान लिया
मध्य प्रदेश से लगभग 2 लाख महिलाएं और लड़कियां लापता
अनाथालय में गुजरात, झारखंड और अन्य राज्यों की लड़कियां थीं

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एनजीओ के हॉस्टल (चिल्ड्रन होम) से एक बालक और 26 बच्चियां गायब हो गईं। परवलिया पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। राष्ट्रीय बाल आयोग ने भी संज्ञान लिया है। तारा सेवनिया में चिल्ड्रन होम बिना अनुमति के संचालित हो रहा है।

बताया जाता है कि 68 बच्चियों के रहने की एंट्री है, लेकिन यहां मात्र 41 बच्चियां मिलीं।

सात दिन में जांच रिपोर्ट मांगी

चिल्ड्रन होम में मध्यप्रदेश के सीहोर, रायसेन, छिंदवाड़ा, बालाघाट के अलावा गुजरात, झारखंड और राजस्थान की बच्चियां रहती हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने भी मध्यप्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा को पत्र लिखा है। आयोग ने सीएस से सात दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है।

मध्य प्रदेश से लगभग 2 लाख महिलाएं और लड़कियां लापता

देश में बच्चों के साथ-साथ लड़कियों और महिलाओं के लापता होने के सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश में हैं।

2022 में, मध्य प्रदेश में हर दिन 32 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 24 लड़कियां (75 प्रतिशत) थीं।

संसद में गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, 2019 और 2021 के बीच, मध्य प्रदेश से लगभग 2 लाख महिलाएं और लड़कियां लापता हो गईं। किसी अन्य राज्य में महिलाओं और लड़कियों के लापता होने के इतने मामले नहीं थे। चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) एनजीओ द्वारा एकत्र की गई सूचना का अधिकार (आरटीआई) रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में, मध्य प्रदेश में हर दिन 32 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 24 लड़कियां (75 प्रतिशत) थीं।